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लोन कैलकुलेटर

मासिक भुगतान और ब्याज की गणना

Monthly Payment
44,904
Total Payment
16,165,609
Total Interest
6,165,609
Interest Ratio
38.1%
Loan Amountvs Interest
Loan Amount (62%)
Interest (38%)

Amortization Formula

M = P × [r(1+r)^n] / [(1+r)^n - 1]

M = monthly payment, P = principal, r = monthly interest rate, n = total number of payments. This formula calculates equal monthly payments for a fixed-rate loan.

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लोन कैलकुलेटर क्या है?

लोन कैलकुलेटर में आप उधार ली जाने वाली राशि, वार्षिक ब्याज दर और चुकौती अवधि दर्ज करते हैं, और यह तुरंत आपकी मासिक किस्त (EMI), कुल भुगतान और कुल ब्याज दिखा देता है। यह होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या एजुकेशन लोन जैसे हर उस ऋण पर काम करता है जिसमें समान मासिक किस्तों (amortization) से भुगतान होता है। हस्ताक्षर करने से पहले यह जानना कि 'हर महीने कितना देना होगा' और 'कुल मिलाकर कितना चुकाना पड़ेगा', एक व्यावहारिक चुकौती योजना की पहली सीढ़ी है। ब्याज उधार लेने की कीमत है, इसलिए दर या अवधि में थोड़ा-सा बदलाव भी कुल लागत को काफी बदल सकता है। कई दरें और अवधियाँ आज़माकर देखें कि संख्याएँ कैसे बदलती हैं और अपने बजट के अनुकूल योजना खोजें।

उपयोग कैसे करें

1. लोन राशि (मूलधन) दर्ज करें। 2. वार्षिक ब्याज दर (%) दर्ज करें। ध्यान दें कि यह फिक्स्ड है या फ्लोटिंग। 3. चुकौती अवधि वर्षों में दर्ज करें। 4. गणना पर क्लिक करें — मासिक किस्त, कुल भुगतान और कुल ब्याज दिखेगा। दर और अवधि को धीरे-धीरे बदलकर मासिक बोझ और कुल लागत की तुलना करें।

सूत्र और परिभाषा

amortizing लोन की मासिक किस्त M इस सूत्र से निकलती है: M = P × r × (1 + r)^n ÷ ((1 + r)^n − 1) जहाँ P मूलधन है, r मासिक दर (वार्षिक ÷ 12 ÷ 100) और n कुल किस्तें (वर्ष × 12)। कुल भुगतान = M × n, और कुल ब्याज = (कुल भुगतान − मूलधन)। उदाहरण के लिए ₹5,00,000 को 9% पर 5 वर्ष (60 किस्तें) के लिए लेने पर मासिक दर लगभग 0.0075 होती है, मासिक किस्त लगभग ₹10,380 और कुल ब्याज लगभग ₹1,22,800। यदि दर 0 हो तो किस्त केवल मूलधन को महीनों से भाग देने पर मिलती है।

परिणाम कैसे पढ़ें

मासिक किस्त यह जाँचने का आधार है कि लोन आपके बजट में आराम से समाता है या नहीं। आमतौर पर सलाह दी जाती है कि सभी EMI मिलाकर मासिक आय के लगभग 40% से अधिक न हों, हालाँकि मानक देश और बैंक के अनुसार बदलते हैं। कुल ब्याज उधार लेने की लागत है: अवधि बढ़ाने से हर किस्त घटती है पर कुल ब्याज बढ़ता है, और अवधि घटाने से इसका उल्टा होता है। समय से पहले (prepayment) भुगतान करने पर ब्याज काफी घट सकता है, क्योंकि ब्याज बकाया मूलधन पर लगता है और जितनी जल्दी करें उतनी अधिक बचत। याद रखें यह गणना केवल मूलधन और ब्याज की है; वास्तविक लोन में प्रोसेसिंग शुल्क, बीमा या कर भी जुड़ सकते हैं, इसलिए हस्ताक्षर से पहले बैंक की कुल लागत ज़रूर जाँचें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिक्स्ड और फ्लोटिंग दर में क्या अंतर है?

फिक्स्ड दर पूरी अवधि में समान रहती है जिससे किस्तें अनुमानित रहती हैं। फ्लोटिंग दर बाज़ार के साथ घट-बढ़ सकती है। यह टूल फिक्स्ड दर मानता है।

क्या दर में थोड़ा अंतर सचमुच मायने रखता है?

हाँ। बड़े और लंबे लोन में आधा प्रतिशत भी कुल ब्याज को हज़ारों रुपये बदल सकता है। हमेशा शुल्क सहित APR के आधार पर तुलना करें।

प्रीपेमेंट से क्या फ़ायदा होता है?

मूलधन जल्दी चुकाने पर आगे लगने वाला ब्याज घट जाता है। अवधि में जितनी जल्दी करें, बचत उतनी अधिक होती है।

क्या परिणाम में शुल्क शामिल हैं?

नहीं। यह टूल केवल मूलधन और ब्याज की गणना करता है। वास्तविक लोन में प्रोसेसिंग शुल्क, बीमा और कर जुड़ सकते हैं, इसलिए बैंक की कुल लागत जाँचें।

यह टूल केवल सामान्य अनुमान देता है और वित्तीय सलाह या किसी लोन शर्त की गारंटी नहीं है। वास्तविक शर्तें बैंक के अनुसार भिन्न होती हैं। महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करें।